6 नवंबर को दिल्ली में खेले गए मैच में एक अनूठी घटना घटी, जब पहली बार किसी बल्लेबाज को टाइम आउट करार दिया गया। यह क्रिकेट इतिहास की एक अहम घटना थी, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस लेख में हम इस घटना के बारे में विस्तार से जानेंगे और खिलाड़ियों के रवैये पर भी विचार करेंगे।
इस ऐतिहासिक मैच में श्रीलंका के बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट करार दिया गया, जबकि वे क्रीज पर खड़े होकर अपना हेल्मेट ठीक कर रहे थे।
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- बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन की अपील पर, अंपायर ने मैथ्यूज को आउट करार दे दिया।
- यह निर्णय क्रिकेट इतिहास में एक अनूठा निर्णय था, क्योंकि पहली बार किसी खिलाड़ी को टाइम आउट करार दिया गया था।
- इस फैसले पर काफी विवाद हुआ और मैथ्यूज भी इससे खफा थे। उन्होंने अंपायर के फैसले पर सवाल उठाए।
- हालांकि, मैथ्यूज ने अपना आपा नहीं खोया और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए निर्णय को स्वीकार कर लिया।
- श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस भी इस निर्णय से नाखुश थे, लेकिन उन्होंने भी शालीनता बनाए रखी।
- मेंडिस ने कहा कि यद्यपि वे अंपायर के फैसले से खफा थे, परंतु मैथ्यूज के साथ जो हुआ वह दुर्घटनावश था।
- इस पूरी घटना में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बड़ी समझदारी दिखाई और खेल भावना से काम लिया।
- उन्होंने विवादास्पद निर्णय के बावजूद अपना आपा नहीं खोया और शालीनता से काम लिया।
एंजेलो मैथ्यूज ने अंपायर पर साधा निशाना
Mathews and Shakib react to much-discussed 'timed out' dismissal.#BANvSL #CWC23https://t.co/MaTvGOxMsG
— ICC (@ICC) November 6, 2023
इस मुकाबले में श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट करार दिया गया। जब वह क्रीज पर खड़े होकर अपना हेलमेट ठीक कर रहे थे, तभी बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन की अपील पर अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया।
यह एक विवादास्पद निर्णय था, मैथ्यूज ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सबसे पहले आती है, इसलिए वे हेलमेट के बिना गेंदबाजी का सामना नहीं कर सकते थे।
श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने भी इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे इस फैसले से खफा थे, मगर मैथ्यूज के साथ जो हुआ वह किसी के साथ भी हो सकता था।



