हाल ही में टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने रांची टेस्ट में शानदार प्रदर्शन कर मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 90 रनों की पारी खेली और दूसरी पारी में जब टीम दबाव में थी तब जिम्मेदारी संभालते हुए भारत को जीत दिलाई।
इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने जुरेल की तारीफ करते हुए उनकी तुलना पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से की थी। गावस्कर का कहना था कि जुरेल का खेल पढ़ने और स्थिति के अनुसार खेलने का तरीका धोनी जैसा लगता है।
हालांकि इस पर पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि अभी जुरेल की तुलना धोनी से नहीं की जा सकती।
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इस पर अब सुनील गावस्कर ने सफाई दी है कि उनका मकसद जुरेल की तुलना धोनी से करके उन्हें धोनी के स्तर तक लाना नहीं था। गावस्कर का कहना है कि वो तो बस ये कहना चाहते थे कि जुरेल ने धोनी जैसी जागरूकता और मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।
गावस्कर ने सही कहा कि कोई भी खिलाड़ी धोनी जैसा नहीं बन सकता, क्योंकि धोनी अपनी तरह के अनूठे खिलाड़ी हैं। लेकिन अगर जुरेल धोनी से कुछ सीखते हैं और अपने खेल में उन गुणों को शामिल करते हैं, तो वो टीम इंडिया के लिए बहुत अच्छा साबित होंगे।
इसलिए गावस्कर द्वारा जुरेल की तुलना धोनी से करना पूरी तरह से ग़लत नहीं है। बल्कि यह जुरेल को एक रोल मॉडल के रूप में धोनी को लेकर आगे बढ़ने का मौका देता है। जुरेल ने अपनी क्षमता दिखा दी है, अब उन्हें बस इस पर काम करते रहना होगा और भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान देना होगा।



